कठिन परिश्रम के अलावे सफलता का और कोई माध्यम नहीं : आरती
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समस्तीपुर :- एक पुरानी कहावत है की सफलता का कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता। मेहनत, और ईमानदारी से की गयी मेहनत ही इंसान को सफलता का स्वाद चखाती है। इस कहावत को एक दफा फिर से चरितार्थ किया है समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखण्ड अंतर्गत गोह ग्राम निवासी आरती कुमारी ने।
एक मध्यम्वर्गीय किसान परिवार से आनेवाली आरती कुमारी ने बिहार बोर्ड के दसवीं की परीक्षा में 90 फीसदी के लगभग अंक प्राप्त कर न केवल अपने छोटे से गांव का नाम रौशन किया है, अपितु यह भी साबित कर दिया है की अगर इंसान अपने मन में कुछ ठान ले तो बिना किसी खास व्यवस्था के, सुदूर देहात में रहकर भी वह सफलता के नए आयाम गढ़ सकता है।
इस मुकाम को पाने में आरती ने पढ़ाई के प्रति कठिन तपस्या की है। आगे जाकर वह नीट परीक्षा क्वालिफ़ाई कर चिकत्सीय सेवा में अपनी किस्मत आजमाना चाहती है। अपने इस सफलता का श्रेय आरती अपने पिता शिव कुमार महतो, अपनी मां, अपने बड़े भाई सुजीत और शिक्षकों को देती है।
इसके अलावे आरती अपनी बड़ी बहन पूजा, जो समस्तीपुर मुख्यालय में रहकर ही प्रायोगिक परीक्षा की तैयारी कर रही है, को अपना आदर्श मानती है। वह कहती है की बड़ी दीदी पढ़ाई में बड़ी तेज है और इस मुकाम तक लाने में उसका सबसे बड़ा योगदान है। गणित, आरती का पसंदीदा विषय है। अपने जूनियर्स को संदेश देते हुए उसने कहा की सोशल मीडिया से दूर रहें और एकाग्रचित होकर पढ़ाई करें- आपको सफलता अवश्य मिलेगी।