ADM कक्ष से हेडमास्टर और बिचौलिये की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा भवन पर जमे कथित बिचौलियों के बीच हड़कंप
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समस्तीपुर : बीपीएससी फर्जी शिक्षक बहाली मामले में समस्तीपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपर समाहर्ता कक्ष में शुक्रवार को जांच के दौरान विभूतिपुर प्रखंड के चिन्हित 18 विद्यालयों के एचएम को अभिलेख के साथ तलब किया गया था। जांच के दौरान अपर समाहर्ता (आपदा) व जांच टीम के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के निर्देश पर दो शिक्षक व एक बिचौलिये को गिरफ्तार करने के बाद से अन्य प्रखंड कार्यालयों व जिला शिक्षा भवन पर कब्जा जमाए बिचौलियों के बीच भी हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा भवन पर कुंडली मार कर बैठे बिचौलिये को भी अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है की कहीं उनके खिलाफ भी कोई साक्ष्य ना मिल जाए।
जानकारी के अनुसार उक्त कथित बिचौलिये, शिक्षक भी बताए जा रहे हैं जो विभागीय कार्यो के नाम पर अपने विद्यालयों को छोड़ शिक्षा भवन पर कुंडली जमाए रहते थे व सरकारी कागजातों व गोपनीय सूचनाओं को भी बाहर लिक किया करते थे। शिक्षा भवन के एक अति गोपनीय कक्ष जहां जांच को रखे गये शिक्षकों के फोल्डर व अभिलेख रहता है वहां देर रात तक इन सभी के द्वारा बैठकी किये जाने की बात भी दबी जुबान से कुछ शिक्षक बताते है। हालांकि इसकी पुष्टि Samastipur Town Media नहीं करती है।
उन कथित बिचौलियों द्वारा रिश्वत के पैसे से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने की बात भी दबी जुबान लोग कर रहे हैं। बहरहाल यह तो जांच का विषय है कि इसमें कितनी पारदर्शिता रखी जाती है और शिक्षा विभाग द्वारा जांच कमिटी की कितनी मदद की जाती है। बहरहाल शिक्षक बहाली फर्जीवाड़ा मामले को लेकर शिक्षा विभाग के माध्यमिक निदेशक योगेंद्र सिंह भी पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। बता दें कि की जिस समय इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था उस समय योगेंद्र सिंह समस्तीपुर के जिलाधिकारी थे।
यहां देखें ADM ने क्या कुछ कहा :